आस्था कि बात करें तो हिंदुस्तान मे सब कुछ माफ़ है .पिछले दिनों देल्ही मे शिव भक्तों की रौनोक को देख कर हमारी आस्था हिल गयी । जहां तक सवाल भक्ती का है वह एकदम व्यक्तिगत मामला है लेकिन आम जान जीवन को इस क़दर हिला देना कि रात को सोते समय भी अगले दिन ट्रेफिक मे फसने कि टेंशन रात बहर चेन से सोने ना दे । इसका मतलब यह नही कि में नास्तिक हूँ .जबर्दस्त आस्था हे विशेषकर शिव हमारे ईष्ट देव है । ईष्ट देव जी ध्यान ना दे । अफ़सोस होता हे अपनी सरका र हाल देख और शर्म आती हे अपने हिंदु होने पर । क्या पहले लोग आस्था नही रखते थे । चलो इस से एक बात साफ हुई कि हिंदु विरोधी सरकार के लिए भी dharam एक मजबूत अस्त्र भी हे और शास्त्र भी ।
preeti
Monday, August 13, 2007
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